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#javedakhtar — Public Fediverse posts

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  1. ‘I fell head over heels’: Shabana Azmi recalls the day Javed Akhtar ‘brought the entire shop of flowers’ for her | Hindi Movie News

    Javed Akhtar and Shabana Azmi mark 41 years of marriage, teasing each other’s romance (or lack thereof). Javed…
    #NewsBeep #News #Movies #AU #Australia #Entertainment #javed #javedakhtar #shabana #ShabanaAzmi #uttarpradesh
    newsbeep.com/au/516150/

  2. ‘I fell head over heels’: Shabana Azmi recalls the day Javed Akhtar ‘brought the entire shop of flowers’ for her | Hindi Movie News

    Javed Akhtar and Shabana Azmi mark 41 years of marriage, teasing each other’s romance (or lack thereof). Javed…
    #NewsBeep #News #Movies #AU #Australia #Entertainment #javed #javedakhtar #shabana #ShabanaAzmi #uttarpradesh
    newsbeep.com/au/516150/

  3. After AR Rahman hinted at a 'communal angle' behind his reduced work in Hindi cinema, Javed Akhtar has firmly dismissed the notion, saying the composer continues to be widely respected and is simply viewed as too busy or too big to approach. english.mathrubhumi.com/movies #ARRahman #HindiCinema #JavedAkhtar #MusicComposer

  4. जीना मुश्किल है कि आसान ज़रा देख तो लो
    लोग लगते हैं परेशान ज़रा देख तो लो

    फिर मुक़र्रिर कोई सरगर्म सरे-मिम्बर है
    किसके है क़त्ल का सामान ज़रा देख तो लो

    ये नया शहर तो है ख़ूब बसाया तुमने
    क्यों पुराना हुआ वीरान ज़रा देख तो लो

    इन चिराग़ों के तले ऐसे अंधेरे क्यों हैं
    तुम भी रह जाओगे हैरान ज़रा देख तो लो

    तुम ये कहते हो कि मैं ग़ैर हूँ फिर भी शायद
    निकल आए कोई पहचान ज़रा देख तो लो

    ये सताइश की तमन्ना ये सिले की परवाह
    कहाँ लाए हैं ये अरमान ज़रा देख तो लो

    ~ जावेद अख़्तर

    #poetry #nazm #urdu #JavedAkhtar #Rekhta

  5. इधर से आज इक किसी के ग़म की
    कहानी का कारवाँ जो गुज़रा
    यतीम आँसू ने जैसे जाना
    कि इस कहानी की सरपरस्ती मिले
    तो मुम्किन है
    राह पाना
    तो इक कहानी की उंगली थामे
    उसी के ग़म को रूमाल करता
    उसी के बारे में
    झूठे-सच्चे सवाल करता
    ये मेरी पलकों तक आ गया है।

    ~ जावेद अख़्तर

    4/n

    #JavedAkhtar #Nazm #Poetry #Urdu #Aansu #Rekhta

  6. यतीम आँसू, यसीर आँसू
    न मोतबर था
    न रास्तों से ही बाख़बर था
    तो चलते चलते
    वो थम गया था
    ठिठक गया था
    झिझक गया था

    3/n

    #JavedAkhtar #Nazm #Poetry #Urdu #Aansu #Rekhta

  7. क्या मैं ये समझूँ
    पहले कहीं नहीं था
    मुझे तो शक है कि ये कहीं था
    ये मेरे दिल और मेरी पलकों के दरमियाँ
    इक जो फ़ासला है
    जहाँ ख़यालों के शहर ज़िंन्दा हैं
    और ख्वाबों की तुर्बतें हैं
    जहाँ मुहब्बत के उजड़े बागों में
    तलि्ख़यों के बबूल हैं
    और कुछ नहीं है
    जहाँ से आगे हैं
    उलझनों के घनेरे जंगल
    ये आँसू
    शायद बहुत दिनों से
    वहीं छिपा था
    जिन्होंने इसको जनम दिया था
    वो रंज तो मसलेहत के हाथों
    न जाने कब क़त्ल हो गये थे
    तो करता फिर किसपे नाज़ आँसू
    कि हो गया बेजवाज़ आँसू

    2/n

    #JavedAkhtar #Nazm #Poetry #Urdu #Aansu #Rekhta

  8. आँसू

    किसी का ग़म सुन के
    मेरी पलकों पे
    एक आँसू जो आ गया है
    ये आँसू क्या है

    ये आँसू क्या इक गवाह है
    मेरी दर्द-मंदी का मेरी इंसान-दोस्ती का
    ये आँसू क्या इक सुबूत है
    मेरी ज़िंदगी में ख़ुलूस की एक रौशनी का
    ये आँसू क्या ये बता रहा है
    कि मेरे सीने में एक हस्सास दिल है
    जिसने किसी की दिलदोज़ दास्ताँ जो सुनी
    तो सुनके तड़प उठा है
    पराये शोलों में जल रहा है
    मगर मैं फिर ख़ुद से पूछता हूँ
    ये दास्ताँ तो अभी सुनी है
    ये आँसू भी क्या अभी ढला है
    ये आँसू

    1/n

    #JavedAkhtar #Nazm #Poetry #Urdu #Aansu #Rekhta

  9. यही हालात इब्तदा से रहे
    लोग हमसे ख़फ़ा-ख़फ़ा-से रहे

    बेवफ़ा तुम कभी न थे लेकिन
    ये भी सच है कि बेवफ़ा-से रहे

    इन चिराग़ों में तेल ही कम था
    क्यों गिला फिर हमें हवा से रहे

    बहस, शतरंज, शेर, मौसीक़ी
    तुम नहीं रहे तो ये दिलासे रहे

    उसके बंदों को देखकर कहिये
    हमको उम्मीद क्या ख़ुदा से रहे

    ज़िन्दगी की शराब माँगते हो
    हमको देखो कि पी के प्यासे रहे

    ~ जावेद अख़्तर

    इब्तदा: beginning
    मौसीक़ी: music

    #javedakhtar #poetry #ghazal #shayari #life #rekhta #urdu

  10. "ये दुनिया तुम को रास आए तो कहना
    न सर पत्थर से टकराए तो कहना

    ये गुल काग़ज़ हैं ये ज़ेवर हैं पीतल
    समझ में जब ये आ जाए तो कहना

    बहुत ख़ुश हो कि उस ने कुछ कहा है
    न कह कर वो मुकर जाए तो कहना

    बदल जाओगे तुम ग़म सुन के मेरे
    कभी दिल ग़म से घबराए तो कहना

    धुआँ जो कुछ घरों से उठ रहा है
    न पूरे शहर पर छाए तो कहना"

    ~ जावेद अख़्तर

    #javedakhtar #ghazal #poetry #urdu #lava #rekhta

  11. "अक़्ल ये कहती है दुनिया मिलती है बाज़ार में
    दिल मगर ये कहता है कुछ और बेहतर देखिए"

    ~ जावेद अख़्तर

    #javedakhtar #shayari #poetry #urdu #rekhta