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#shayari — Public Fediverse posts

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  1. Hind Ke Shayar-o-Sooratgar-o-Afsana Nawees
    Ah, Becharon Ke Asaab Pe Aurat Hai Sawar!

    India's poets, painters, and short story writers,
    Alas! On the nerves of these helpless ones, the woman rides.

    ہند کے شاعر و صورت گر و افسانہ نویس
    آہ! بے چاروں کے اعصاب پہ عورت ہے سوار

    معانی: صورت گر: مصور ۔ اعصاب: عصب کی جمع یعنی رگ اور پٹھے ۔

    (Zarb-e-Kaleem-141) Hunarwaran-e-Hind

    #Muslims #Iqbal #Poetry #Islam #Allamaiqbal #Poem #Shahyri #Motivation #hind #hindipoetry #shayari #DrIqbal #Lines

  2. "कुछ तो मेरे पिन्दार-ए-मोहब्बत का भरम रख
    तू भी तो कभी मुझको मनाने के लिए आ"

    ~ अहमद फ़राज़

    #AhmadFaraz #BirthAnniversary #Poetry #shayari #urdu #rekhta

  3. "किस किस को बताएँगे जुदाई का सबब हम
    तू मुझ से ख़फ़ा है, तो ज़माने के लिए आ"

    ~ अहमद फ़राज़

    #AhmadFaraz #BirthAnniversary #Poetry #shayari #urdu #rekhta

  4. "रंजिश ही सही, दिल ही दुखाने के लिए आ
    आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ"

    ~ अहमद फ़राज़

    #AhmadFaraz #BirthAnniversary #Poetry #shayari #urdu #rekhta

  5. "अब ज़मीं पर कोई गौतम न मोहम्मद न मसीह
    आसमानों से नए लोग उतारे जाएँ"

    ~ अहमद फ़राज़

    #AhmadFaraz #BirthAnniversary #Poetry #shayari #urdu #rekhta

  6. "ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है
    क्यूँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम"

    ~ साहिर लुधियानवी

    #SahirLudhianvi #poetry #shayari #urdu #rekhta

  7. यही हालात इब्तदा से रहे
    लोग हमसे ख़फ़ा-ख़फ़ा-से रहे

    बेवफ़ा तुम कभी न थे लेकिन
    ये भी सच है कि बेवफ़ा-से रहे

    इन चिराग़ों में तेल ही कम था
    क्यों गिला फिर हमें हवा से रहे

    बहस, शतरंज, शेर, मौसीक़ी
    तुम नहीं रहे तो ये दिलासे रहे

    उसके बंदों को देखकर कहिये
    हमको उम्मीद क्या ख़ुदा से रहे

    ज़िन्दगी की शराब माँगते हो
    हमको देखो कि पी के प्यासे रहे

    ~ जावेद अख़्तर

    इब्तदा: beginning
    मौसीक़ी: music

    #javedakhtar #poetry #ghazal #shayari #life #rekhta #urdu

  8. "इस सफ़र में नींद ऐसी खो गई
    हम न सोए रात थक कर सो गई"

    ~ राही मासूम रज़ा

    #raat #poetry #shayari #urdu #life #rekhta

  9. "चलो इक बार फिर से अज़नबी बन जाएँ हम दोनों"

    ~ साहिर लुधियानवी

    3/3

    #SahirLudhianvi #poetry #shayari #nazm #urdu #love #life #rekhta

  10. "तुम्हे भी कोई उलझन रोकती है पेशकदमी से
    मुझे भी लोग कहते हैं की ये जलवे पराये हैं
    मेरे हमराह भी रुसवाइयां हैं मेरे माजी की
    तुम्हारे साथ में गुजारी हुई रातों के साये हैं

    तआरुफ़ रोग बन जाए तो उसको भूलना बेहतर
    तआलुक बोझ बन जाए तो उसको तोड़ना अच्छा
    वो अफसाना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन
    उसे इक खूबसूरत मोड़ देकर छोड़ना अच्छा"

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    #SahirLudhianvi #poetry #shayari #nazm #urdu #love #life #rekhta

  11. "चलो इक बार फिर से अज़नबी बन जाएँ हम दोनों
    न मैं तुमसे कोई उम्मीद रखो दिलनवाज़ी की
    न तुम मेरी तरफ देखो गलत अंदाज़ नज़रों से
    न मेरे दिल की धड़कन लडखडाये मेरी बातों से
    न ज़ाहिर हो हमारी कशमकश का राज़ नज़रों से"

    1/3

    #SahirLudhianvi #poetry #shayari #nazm #urdu #love #life #rekhta

  12. "अक़्ल ये कहती है दुनिया मिलती है बाज़ार में
    दिल मगर ये कहता है कुछ और बेहतर देखिए"

    ~ जावेद अख़्तर

    #javedakhtar #shayari #poetry #urdu #rekhta

  13. This is to the love of #Ghalib
    This is to Shayari. This is to Urdu. This is to Dilli. This is to the angrezi scotch that Ghalib drank. This is to eternity. This is love. This is to madness.

    "रात को अक्सर होता है,परवाने आकर,
    टेबल लैम्प के गिर्द इकट्ठे हो जाते हैं
    सुनते हैं,सर धुनते हैं
    सुन के सब अश'आर गज़ल के
    जब भी मैं दीवान-ए-ग़ालिब
    खोल के पढ़ने बैठता हूँ
    सुबह फिर दीवान के रौशन सफ़हों से
    परवानों की राख उठानी पड़ती है"

    ~ गुलज़ार

    #poetry #love #shayari #dilli #ishq

  14. This is to the love of #Ghalib
    This is to Shayari. This is to Urdu. This is to Dilli. This is to the angrezi scotch that Ghalib drank. This is to eternity. This is love. This is to madness.

    "रात को अक्सर होता है,परवाने आकर,
    टेबल लैम्प के गिर्द इकट्ठे हो जाते हैं
    सुनते हैं,सर धुनते हैं
    सुन के सब अश'आर गज़ल के
    जब भी मैं दीवान-ए-ग़ालिब
    खोल के पढ़ने बैठता हूँ
    सुबह फिर दीवान के रौशन सफ़हों से
    परवानों की राख उठानी पड़ती है"

    ~ गुलज़ार

    #poetry #love #shayari #dilli #ishq

  15. "इक खिलौना जोगी से खो गया था बचपन में
    ढूंढता फिरा उसको वो नगर नगर तन्हा"

    ~जावेद अख़्तर

    #people #jharkhand #deoghar #photography #travel #stories #shayari #poetry #urdu #india

    8/n