#gulzar — Public Fediverse posts
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How Come Gulzar Wasn't Offered to Pen 'Gustaakh Ishq'?
https://www.youtube.com/watch?v=B0GKJv9DVIA
#thedarkknaik #gustaakhishq #gulzar #naseeruddinshah #urdu
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How Come Gulzar Wasn't Offered to Pen 'Gustaakh Ishq'?
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#AeWatan #Raazi #AliaBhatt #VickyKaushal #SunidhiChauhan #SEL #Gulzar #PatrioticSong #shorts
👉🏻 SUBSCRIBE to Zee Music Company - Song - Ae Watan Movie - Raazi Singer - Sunidhi Chauhan Music Composer - Shankar Ehsaan Loy Lyrics - Gulzar & Allama Iqbal The Shankar Mahadevan Academy Childrens Chorus - Soham Vavekar, Advait Raman Shankar, Tanirika Chakraborty, Vasudha Tiwari, Ananya Halarnkar, Tejas Tambe, Ghazal Javed, Archana Hegdekar & Satyajeet Jena Rabab/Mandolin -…
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#HumFanaa #GustaakhIshq #VijayVarma #FatimaSanaShaikh #VishalBhardwaj #JavedAli #Gulzar #shorts
👉🏻 SUBSCRIBE to Zee Music Company - Song: Hum Fanaa Movie: Gustaakh Ishq Singers: Javed Ali & Parvez Babblu Composer: Vishal Bhardwaj Lyricist: Gulzar Chorus: Ali Brothers Music Producer: Debarpito Saha Music Assistant: Anant Bhardwaj Musicians:- RHYTHM:- Dholak: Navim Sharma, Hafeez Khan, Sharafat Hussain, Raju Sardar, Mushtak Khan, Iqbal Azad, Manoj Bhati, Mohammed Shadab…
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#UlJaloolIshq #GustaakhIshq #VijayVarma #FatimaSanaShaikh #VishalBhardwaj #ShilpaRao #Papon #Gulzar
👉🏻 SUBSCRIBE to Zee Music Company - Song: Ul Jalool Ishq Movie: Gustaakh Ishq Singers: Shilpa Rao & Papon Composer: Vishal Bhardwaj Lyricist: Gulzar Music Producer: Debarpito Saha Chorus: Vasudha Tiwari, Surabhi Khekale, Bandita Bharti, Shivika Rajesh & Shushmita Narayan Music Assistant: Anant Bhardwaj Musicians:- Guitars: Mayukh Sarkar & Shrey Gupta Recorded by: Salman…
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‘Mahabharata’ Gets Netflix India Animated Treatment With Epic Series ‘Kurukshetra’
#Variety #Asia #Global #News #Gulzar #Kurukshetra #Mahabharata #Netflixhttps://variety.com/2025/global/news/mahabharata-kurukshetra-netflix-india-animation-1236513842/
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‘Mahabharata’ Gets Netflix India Animated Treatment With Epic Series ‘Kurukshetra’
#Variety #Asia #Global #News #Gulzar #Kurukshetra #Mahabharata #Netflixhttps://variety.com/2025/global/news/mahabharata-kurukshetra-netflix-india-animation-1236513842/
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‘Mahabharata’ Gets Netflix India Animated Treatment With Epic Series ‘Kurukshetra’
#Variety #Asia #Global #News #Gulzar #Kurukshetra #Mahabharata #Netflixhttps://variety.com/2025/global/news/mahabharata-kurukshetra-netflix-india-animation-1236513842/
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‘Mahabharata’ Gets Netflix India Animated Treatment With Epic Series ‘Kurukshetra’
#Variety #Asia #Global #News #Gulzar #Kurukshetra #Mahabharata #Netflixhttps://variety.com/2025/global/news/mahabharata-kurukshetra-netflix-india-animation-1236513842/
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‘Mahabharata’ Gets Netflix India Animated Treatment With Epic Series ‘Kurukshetra’
#Variety #Asia #Global #News #Gulzar #Kurukshetra #Mahabharata #Netflixhttps://variety.com/2025/global/news/mahabharata-kurukshetra-netflix-india-animation-1236513842/
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Gustaakh Ishq Teaser: Vijay Varma, Fatima Sana Shaikh, Gulzar, Vishal Bhardwaj's Love Story
#Fatima #Gulzar #GustaakhIshq #VijayVarma #Vishalbhardwaj
https://blazetrends.com/gustaakh-ishq-teaser-vijay-varma-fatima-sana-shaikh-gulzar-vishal-bhardwajs-love-story/?fsp_sid=102457 -
किताबें मांगने,
गिरने, उठाने के बहाने
रिश्ते बनते थे
उन का क्या होगा......
#Gulzar -
Mera Kuch Samaan | Ijaazat | #GoldminesGaaneSuneAnsune #80sHitSongs #NaseeruddinShah #AshaBhosle
Song:- Mera Kuch Samaan Singer(s):- Asha Bhosle Movie:- Ijaazat (1987) Music Director:- R. D. Burman Lyricist:- Gulzar #GoldminesGaaneSuneAnsune #80sHitSongs #NaseeruddinShah #AnuradhaPatel #AshaBhosle #Gulzar #RDBurman #Ijaazat #OldSongs _______________________________________ Enjoy and stay connected with us!! Log on to Youtube and tune in to Goldmines Gaane Sune Ansune…
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CW: Hindi/Urdu Poetry by Gulzar
दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई
जैसे एहसां उतारता है कोईदिल में कुछ यूं संभालता हूं ग़म
जैसे ज़ेवर संभालता है कोईआइना देख कर तसल्ली हुई
हम को इस घर में जानता है कोईDin Kuch Aise Guzarta Hai Koi
Jaise ehsaan Utaarta Hai KoiDil me kuch yun sambhalta hun gham
Zaise zevar sambhalta hai koi
Aayina Dekhkar Tassalli Huyi
Humko Is Ghar Mein Jaanta Hai Koi -
"तेरी नज़्म से गुज़रते वक़्त खदशा रहता है
पांव रख रहा हूँ जैसे, गीली लैंडस्केप पर इमरोज़ के तेरी नज़्म से इमेज उभरती है
ब्रश से रंग टपकने लगता है
वो अपने कोरे कैनवास पर नज्में लिखता है,
तुम अपने कागजों पर नज्में पेंट करती हो"~ गुलज़ार
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"आओ फिर नज़्म कहें
फिर किसी दर्द को सहलाकर सुजा ले आँखें
फिर किसी दुखती हुई रग में छुपा दें नश्तर
या किसी भूली हुई राह पे मुड़कर एक बार
नाम लेकर किसी हमनाम को आवाज़ ही दें लेंफिर कोई नज़्म कहें...."
~ गुलज़ार
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"आओ फिर नज़्म कहें
फिर किसी दर्द को सहलाकर सुजा ले आँखें
फिर किसी दुखती हुई रग में छुपा दें नश्तर
या किसी भूली हुई राह पे मुड़कर एक बार
नाम लेकर किसी हमनाम को आवाज़ ही दें लेंफिर कोई नज़्म कहें...."
~ गुलज़ार
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कभी सीने पर रखकर लेट जाते थे
कभी गोदी में लेते थे
कभी घुटनों को अपने रिहल की सूरत बनाकर
नीम सजदे में पढ़ा करते थे, छूते थे जबीं से
वो सारा इल्म तो मिलता रहेगा आइंदा भी
मगर वो जो किताबों में मिला करते थे सूखे फूल
और महके हुए रुक्के
किताबें मँगाने, गिरने उठाने के बहाने रिश्ते बनते थे
उनका क्या होगा
वो शायद अब नही होंगे!!~ गुलज़ार
3/3
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कभी सीने पर रखकर लेट जाते थे
कभी गोदी में लेते थे
कभी घुटनों को अपने रिहल की सूरत बनाकर
नीम सजदे में पढ़ा करते थे, छूते थे जबीं से
वो सारा इल्म तो मिलता रहेगा आइंदा भी
मगर वो जो किताबों में मिला करते थे सूखे फूल
और महके हुए रुक्के
किताबें मँगाने, गिरने उठाने के बहाने रिश्ते बनते थे
उनका क्या होगा
वो शायद अब नही होंगे!!~ गुलज़ार
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कोई सफा पलटता हूँ तो इक सिसकी निकलती है
कई लफ्ज़ों के मानी गिर पड़े हैं
बिना पत्तों के सूखे टुंड लगते हैं वो अल्फ़ाज़
जिनपर अब कोई मानी नहीं उगते
जबां पर जो ज़ायका आता था जो सफ़ा पलटने का
अब ऊँगली क्लिक करने से बस झपकी गुजरती है
किताबों से जो ज़ाती राब्ता था, वो कट गया है2/3
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कोई सफा पलटता हूँ तो इक सिसकी निकलती है
कई लफ्ज़ों के मानी गिर पड़े हैं
बिना पत्तों के सूखे टुंड लगते हैं वो अल्फ़ाज़
जिनपर अब कोई मानी नहीं उगते
जबां पर जो ज़ायका आता था जो सफ़ा पलटने का
अब ऊँगली क्लिक करने से बस झपकी गुजरती है
किताबों से जो ज़ाती राब्ता था, वो कट गया है2/3
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किताबें झाँकती हैं बंद आलमारी के शीशों से
बड़ी हसरत से तकती हैं
महीनों अब मुलाकातें नहीं होती
जो शामें उनकी सोहबत में कटा करती थीं
अब अक्सर गुज़र जाती है कम्प्यूटर के पर्दों पर
बड़ी बेचैन रहती हैं क़िताबें
उन्हें अब नींद में चलने की आदत हो गई है
जो कदरें वो सुनाती थी कि जिनके
जो रिश्ते वो सुनाती थी वो सारे उधरे-उधरे हैं1/3
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किताबें झाँकती हैं बंद आलमारी के शीशों से
बड़ी हसरत से तकती हैं
महीनों अब मुलाकातें नहीं होती
जो शामें उनकी सोहबत में कटा करती थीं
अब अक्सर गुज़र जाती है कम्प्यूटर के पर्दों पर
बड़ी बेचैन रहती हैं क़िताबें
उन्हें अब नींद में चलने की आदत हो गई है
जो कदरें वो सुनाती थी कि जिनके
जो रिश्ते वो सुनाती थी वो सारे उधरे-उधरे हैं1/3
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"इतना लंबा कश लो यारो, दम निकल जाए
ज़िन्दगी सुलगाओ यारों, ग़म निकल जाएदिल में कुछ जलता है, शायद धुआँ धुआँ सा लगता है
आँख में कुछ चुभता है, शायद सपना कोई सुलगता है
दिल फूँको और इतना फूँको, दर्द निकल जाए
ज़िन्दगी सुलगाओ यारों, ग़म निकल जाएतेरे साथ गुजारी रातें, गरम गरम सी लगती हैं
सब रातें रेशम की नहीं पर, नरम नरम सी लगती हैं
रात ज़रा करवट बदले तो, पर निकल जाए
ज़िन्दगी सुलगाओ यारों, ग़म निकल जाए"~गुलज़ार
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लिबास
मेरे कपड़ों में टंगा है
तेरा ख़ुश-रंग लिबास!
घर पे धोता हूँ हर बार उसे और सुखा के फिर से
अपने हाथों से उसे इस्त्री करता हूँ मगर
इस्त्री करने से जाती नहीं शिकनें उस की
और धोने से गिले-शिकवों के चिकते नहीं मिटते!
ज़िंदगी किस क़दर आसाँ होती
रिश्ते गर होते लिबास
और बदल लेते क़मीज़ों की तरह!~गुलज़ार
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"आदमी बुलबुला है पानी का
और पानी की बहती सतह पर टूटता भी है, डूबता भी है,
फिर उभरता है, फिर से बहता है,
न समंदर निगला सका इसको, न तवारीख़ तोड़ पाई है,
वक्त की मौज पर सदा बहता आदमी बुलबुला है पानी का।"~गुलज़ार
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"देखो, आहिस्ता चलो, और भी आहिस्ता ज़रा
देखना, सोच-सँभल कर ज़रा पाँव रखना,
ज़ोर से बज न उठे पैरों की आवाज़ कहीं.
काँच के ख़्वाब हैं बिखरे हुए तन्हाई में,
ख़्वाब टूटे न कोई, जाग न जाये देखो,
जाग जायेगा कोई ख़्वाब तो मर जाएगा"~गुलज़ार
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@majchowdhury @Gulrayys @dushyant
रात भर जो भी मिला उगते बदन पर हमको
काट के दाल दिया जलाते अलावों मसं उसे
रात भर फून्कों से हर लोऊ को जगाये रखा
और दो जिस्मों के ईंधन को जलाए रखा
रात भर बुझते हुए रिश्ते को तापा हमने |~गुलज़ार
2/2
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@majchowdhury @Gulrayys @dushyant
रात भर जो भी मिला उगते बदन पर हमको
काट के दाल दिया जलाते अलावों मसं उसे
रात भर फून्कों से हर लोऊ को जगाये रखा
और दो जिस्मों के ईंधन को जलाए रखा
रात भर बुझते हुए रिश्ते को तापा हमने |~गुलज़ार
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@majchowdhury @Gulrayys @dushyant
This reminds me of a beautiful nazm of Gulzar Sahab
रात भर सर्द हवा चलती रही
रात भर हमने अलाव तापा
मैंने माजी से कई खुश्क सी शाखें काटीं
तुमने भी गुजरे हुये लम्हों के पत्ते तोड़े
मैंने जेबों से निकालीं सभी सूखीं नज़्में
तुमने भी हाथों से मुरझाये हुये खत खोलें
अपनी इन आंखों से मैंने कई मांजे तोड़े
और हाथों से कई बासी लकीरें फेंकी
तुमने पलकों पे नामी सूख गयी थी, सो गिरा दी|1/2
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@majchowdhury @Gulrayys @dushyant
This reminds me of a beautiful nazm of Gulzar Sahab
रात भर सर्द हवा चलती रही
रात भर हमने अलाव तापा
मैंने माजी से कई खुश्क सी शाखें काटीं
तुमने भी गुजरे हुये लम्हों के पत्ते तोड़े
मैंने जेबों से निकालीं सभी सूखीं नज़्में
तुमने भी हाथों से मुरझाये हुये खत खोलें
अपनी इन आंखों से मैंने कई मांजे तोड़े
और हाथों से कई बासी लकीरें फेंकी
तुमने पलकों पे नामी सूख गयी थी, सो गिरा दी|1/2
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