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  1. ये नाम भी इतिहास के काले अक्षरों में लिखा जाएगा कि जब को क्रिमिनल तरीक़े से गिराए जाने के सारे सबूत के खिलाफ साबित होने के बावजूद फैसला उन्हीं हैवानों के पक्ष में दिया
    कुछ मोटी हड्डी की लालच में न्यायपालिका को ही बेच दिया।

    washingtonpost.com/opinions/20

  2. पीपीई किट घोटाला: किसी चैनेल पर बहस हुयी क्या ?

    विपक्ष का होता तो हे भगवान न जाने क्या होता ?
    satyahindi.com/amp/india/why-n

    @BJP4India @INCIndia